पल्लवी से मां की मृत्यु के बाद की रस्में अदा करवाते पुरोहित।

‘मेरे लिए तो तू ही मेरी बेटी, तू ही बेटा…’ TAGS: | | |   मंडी। …बीमार एवं लाचार मां को जब लगा कि उसके बचने की अब कोई उम्मीद नहीं है तो उसने एकमात्र सहारा अपनी सात वर्षीय बेटी पल्लवी को पास बुलाया और बोली- “देख, मेरे मरने से दुखी मत होना… मेरे लिए तो तू ही मेरी बेटी है और तू ही …

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‘रम्माण’ के पात्रों का 18 ताल में अनूठा नृत्य TAGS: | | | चमोली (जोशीमठ) । उत्तराखंड की प्राचीन संस्कृति में ‘रम्माण’ का बहुत महत्व है। रम्माण शब्द रामायण से अपभ्रंश होकर कर बना है। ‘रम्माण’ में सभी पात्र पारंपरिक गायन पर 18 ताल में नृत्य कर पूरी रामायण का मंचन करते हैं। उत्तराखंड की इस अनूठी लोक संस्कृति को दो अक्तूबर 2009 …

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जनजातीय महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हक क्यों नहीं? TAGS: | | | किन्नौर। संसदीय चुनाव की इस बेला में जनजातीय जिला किन्नौर और लाहौल-स्पीति की महिलाएं एकबार फिर से ‘पैतृक संपत्ति में बेटियों को अधिकार’ की मांग लेकर खड़ी हैं। यह जान कर किसी को भी हैरानी हो सकती है कि प्रदेश के उक्त जनजातीय जिलों में महिलाओं को अभी तक भी …

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नहीं खुलेंगे गौरीकुंड के कपाट, मंदिर अभी भी खस्ताहाल TAGS: | | रुद्रप्रयाग ( फाटा)। गौरीकुंड में गौरी माई मंदिर के कपाट बैशाखी के दिन खुलने की सदियों पुरानी परंपरा का निर्वाह इस बार नहीं हो पाएगा। आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुए मंदिर की मुरम्मत नहीं हो पाने के कारण सोमवार को इसके द्वार नहीं खुल रहे हैं।    सदियों से बैशाखी …

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पहाड़ी संस्कृति में प्रेम गाथाओं की भरमार TAGS: | | देहरादून। पहाड़ी संस्कृति में प्रेम गाथाओं, प्रेम प्रसंगों और प्रेम गाथाओं की भरमार रही है। उत्तराखंड में भी बात चाहे राजुला-मालूशाही की हो या तैड़ी तिलोगा की या फिर जीतू बगड्वाल की। इन सभी प्रेम गाथाओं ने सदियों से पहाड़ी मानसपटल पर अपना प्रभाव जमा रखा है। इनमें सर्वाधिक प्रसिद्धि …

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शराब परोसी व डीजे बजा तो नहीं पढ़ेंगे निकाह TAGS: | | पौड़ी गढ़वाल (कोटद्वार)। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में महिलाओं की शराबबंदी की मुहिम को लगातार ताकत मिलती जा रही है। कोटद्वार जामा मस्जिद ने भी गत दिवस फतवा जारी कर दिया कि जिन विवाह समारोहों में शराब और डीजे का प्रयोग होगा वहां कोई भी मौलवी …

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बंजार में राक्षसों को गालियां देकर भगाने की परंपरा TAGS: | | कुल्लू। बंजार उपमंडल में फागली उत्सव बड़े अनूठे ढंग से मनाया जाता है। भगवान विष्णु नारायण को समर्पित इस उत्सव के दौरान स्थानीय देवता के कारकुन घास से बने चोले पहनकर कबीरी नृत्य करते हैं और गालियां देते हुए राक्षसों को भगाते हैं। मान्यता है कि समुद्र मंथन के बाद …

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खुदाई में मिला पौराणिक वस्तुओं का भंडार TAGS: | चमोली (जोशीमठ)। जोशीमठ नृसिंह मंदिर के प्राचीन मठांगण में चल रही खुदाई के दौरान पौराणिक काल की 168 कीमती वस्तुएं मिली हैं। इनमें विभिन्न धातुओं के बर्तन व अन्य सामग्री शामिल है। माना जा रहा है कि ये बर्तन पौराणिक काल में इस स्थान पर होने वाले यज्ञ के दौरान …

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पहाड़ी महिलाओं ने वन की हरियाली शहर तक पहुंचाई TAGS: | | पौड़ी गढ़वाल। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्तराखंडी महिलाओं के योगदान की मिसाल देश भर में दी जाती है। वृक्षारोपण की बात हो या वन माफिया से सीधे टकराने की या फिर वनों को आग से बचाने की, पहाड़ी महिलाएं हमेशा अग्रणी पंक्ति में नजर आई हैं। पौड़ी शहर से …

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कुल्लू में भगवान रघुनाथ 40 दिन खेलते हैं होली TAGS: | | कुल्लू। कुल्लू का अनूठा बसंत पंचमी उत्सव मंगलवार को यहां ढालपुर मैदान में हर्षोल्लासपूर्वक आरंभ हुआ, जिसमें अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ जी ने भी शिरकत की। इस दौरान राम-भरत मिलन का दृश्य देखकर लोग भाव विभोर हो गए। कुल्लू के बसंत पंचमी उत्सव की खास बात यह है कि यह होली …

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